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Showing posts with the label महेशवानी

बाबा ठोकने छी बज़ केवार, हम दुआर न हो की ।।

बाबा ठोकने छी बज़ केवार, हम दुआर न हो की ।। बाबा खोलू ने बस केवार, हर एआर ४ ॥ गंगा निकट से जल भरि लेलन हैँ, आहाँ के लेल वा कार जेल। कधी तऽ गेल दुखाई, बाबा दुआरि थे। बाद अंत । मलीया बा...

फिरथि शंभू के करनमा, गौरी दाइ त-तन में ना !महेशवानी

फिरथि शंभू के करनमा, गौरी दाइ त-तन में ना ! अन्न त्यागल, पानि त्यागल, त्यागल परनमा । बेलपात चिबाय गौरी राखल जीवनमा । गौरी दाइ वन-वन में ना० होम कयलनि, जाप कयलनि नारद बभनमा । गौरी...

आज नाथ एक व्रत महासुख लागय है । आहे तोहे शिव धरू नटवेप कि इमरू बजाते हैं।

आज नाथ एक व्रत महासुख लागय है । आहे तोहे शिव धरू नटवेप कि इमरू बजाते हैं। तो तो कहै ऽ गौरा नाचय हम कोना नाचब हे ! चारे सोच मोरा लागय कओन विधि नाचब हे । अमत चंबिय मूमि खसत बघम्बर ज...

देख सखि दाइ माइ, ठबलक बभना आई ।महेशवानी

देख सखि दाइ माइ, ठबलक बभना आई । पहिने सुनैत छलियनि जस तीन भुवन, आब सुनैत छियनि घर नहिं अंगना । भोला के माय-बाप नहि केयो छनि अपना, । गौरी के सासु-ननदि सब सपना । गौरी तप कयलनि रात द...

चलु सखि देखय गौरी के बरियाती है ।महेशवानी

चलु सखि देखय गौरी के बरियाती है । देखइते बूढ वर फाटे मोर छाती है। गाल चोटकल मुँह टुटल छै दतिया हे । हँसबो के लुरि नहि विकट सुतिया हे । देखि देखि बुढ़ लयला जमइया है । माथा पीटि ...

दुर-दुर छीया ए छोया, एहन बौराहा संग जयती कोना धीया

दुर-दुर छीया ए छोया, एहन बौराहा संग जयती कोना धीया पाँच मुख बीच शोभनि तीन अंखिया, सह-सह नचै छनि साँप सखिया दुर-दुर छीया ए छीया.. |काँख तर झोरी शोभनि, धथुर के वीया, दिगम्बर के रूप द...

कोना करू सम्मान महादेव, सम्मानक ओरियान कहाँ महेशवानी

कोना करू सम्मान महादेव, सम्मानक ओरियान कहाँ गरोद के अभिलाषा मनमे से जानथि भगवान कहाँ अपने तऽ एल ई जनि जगमे, आनन्दक हिलकोर भेलड महिमा अहाँके जगत विदीत अछि, ई जनि जगमे सोर भेल ...

चन्द बदन हमरो गौरी छथि,महेशवानी

चन्द बदन हमरो गौरी छथि, सूर्य ज्योति करब जमाई रो मा नारद मुनीनी के किछुओ ने बीगारल, आनि देल बुढ़वा जमाई गे माई । कान लगली खीजऽ लगली माइ मनाईन, झखऽ लगला ऋषि सन बाप ने माई । जुनि क...

सोना सन धीया के बुढ़वा जमाई, कोना रहबै गे माईमहेशवानी

सोना सन धीया के बुढ़वा जमाई, कोना रहबै गे माई सासु मनाइन परीछन जाय, देखिते मनाइन के नाग फफकाई । कोना रहबे गे माई० मस्तक के उपर शीव के जटा बहे नीर, पेरो मे शीव जी के फाटल बेमाय, दे...

गे माई हम नहि शिव सँ गौरी बिआहब, मोर गौरी रहती कुमारि ।महेशवानी

गे माई हम नहि शिव सँ गौरी बिआहब, मोर गौरी रहती कुमारि । गे माई भूत-प्रेत बरिआती अनलनि, मोर जिया गेल डेराइ । गे माई गालो चोटकल, मोछो पाकल, पयरोमे फाटल बेमाइ । गे माई गौरी लए भागब, ग...

गौरा तोरा अङना बड़ अजगुत देखल तोर अङना ।

गौरा तोरा अङना बड़ अजगुत देखल तोर अङना । एक दिस बाघ सिंह करै हुलना दोसर बरद छैन सेहो बउना । पेंच उधार लए गेलहुँ अडना सम्पत्ति के मध्य देखल भाँग घोटना । खेती ने पथारी शिव के ग...

महेशवानी देखिते भोला के सुरतिया, सखिया पागल भेलै सासू

देखिते भोला के सुरतिया, सखिया पागल भेलै सासू अंग विभूतिया गले सर्पमाला, पहिरन हिनकर बाधक छात्र को बसहा के कएल पलकिया, से सखिया पागल भेलै २० मस्त हाथ । त्रिशूल डमरू बजाबे, जट...

महेशवानी आई बाबा के अङना सोहान बहिना ।

आई बाबा के अङना सोहान बहिना । जना उतरल छै पूनम के चान बहिना 1 शाखा प्रशाखा जटा जूट शोभय ! लगे छै भोला भगवान बहिना ।। सब कियो चढ़ाबै छै जल फुल चानन 1 बहुतो त पान ओ मखान चहिना ।।। की...

महेशवानी हम नहि जानल गे माई ।

हम नहि जानल गे माई । एहन बर नारद जोहि लौता, देखितहि सब पड़ाद । तीन लोक के मालिक कहि-कहि हमरा देल पतिआई । अन्तिम पलमे भिखमंगा के लायल यर यनाई एकदिस गौरी केर मुह तक छी, दोसर बुढे ज...

महेशवानी आए मथना के अडना सोहान बहिना ।

                महेशवानी आए मथना के अडना सोहान बहिना । जेना जूटल छै शोभा के खान बहिना ।। गौरी ओ शंकर युगल रूप भोहन । कए के सके अछि बखान बहिना । घर पर नगर ओ डगर पर विराजय । तानल व...