बाबा ठोकने छी बज़ केवार, हम दुआर न हो की ।। बाबा खोलू ने बस केवार, हर एआर ४ ॥ गंगा निकट से जल भरि लेलन हैँ, आहाँ के लेल वा कार जेल। कधी तऽ गेल दुखाई, बाबा दुआरि थे। बाद अंत । मलीया बा...
आज नाथ एक व्रत महासुख लागय है । आहे तोहे शिव धरू नटवेप कि इमरू बजाते हैं। तो तो कहै ऽ गौरा नाचय हम कोना नाचब हे ! चारे सोच मोरा लागय कओन विधि नाचब हे । अमत चंबिय मूमि खसत बघम्बर ज...
चलु सखि देखय गौरी के बरियाती है । देखइते बूढ वर फाटे मोर छाती है। गाल चोटकल मुँह टुटल छै दतिया हे । हँसबो के लुरि नहि विकट सुतिया हे । देखि देखि बुढ़ लयला जमइया है । माथा पीटि ...
दुर-दुर छीया ए छोया, एहन बौराहा संग जयती कोना धीया पाँच मुख बीच शोभनि तीन अंखिया, सह-सह नचै छनि साँप सखिया दुर-दुर छीया ए छीया.. |काँख तर झोरी शोभनि, धथुर के वीया, दिगम्बर के रूप द...
सोना सन धीया के बुढ़वा जमाई, कोना रहबै गे माई सासु मनाइन परीछन जाय, देखिते मनाइन के नाग फफकाई । कोना रहबे गे माई० मस्तक के उपर शीव के जटा बहे नीर, पेरो मे शीव जी के फाटल बेमाय, दे...
गौरा तोरा अङना बड़ अजगुत देखल तोर अङना । एक दिस बाघ सिंह करै हुलना दोसर बरद छैन सेहो बउना । पेंच उधार लए गेलहुँ अडना सम्पत्ति के मध्य देखल भाँग घोटना । खेती ने पथारी शिव के ग...
आई बाबा के अङना सोहान बहिना । जना उतरल छै पूनम के चान बहिना 1 शाखा प्रशाखा जटा जूट शोभय ! लगे छै भोला भगवान बहिना ।। सब कियो चढ़ाबै छै जल फुल चानन 1 बहुतो त पान ओ मखान चहिना ।।। की...
महेशवानी आए मथना के अडना सोहान बहिना । जेना जूटल छै शोभा के खान बहिना ।। गौरी ओ शंकर युगल रूप भोहन । कए के सके अछि बखान बहिना । घर पर नगर ओ डगर पर विराजय । तानल व...