ऊँची रे अटरिया पर विषहरि माय, राम, नीची रे अटरिया पर सोनरा के भाय । देबौ रे सोनरा भाइ डाला भरि सीन, राम, गढि दिअनु विषहरि क कलस पचास बाट रे बटोहिया कि तोहें मोर भाइ, राम, कहबनि विष...
पवनैतिन पर विषहरि ढर गयो रे, गजब भयो रामा जुलुम भयो रे । विषहरि के देखलहुँ फूलो के डाढि पर, झूल गयो रे । गजब भयो रामा जुलम भयो रे विषहरि के देखलहुँ मेंहदो के डारि पर, झूल गयो । - गज...
विषहरि विषहरि, करै छी पुकार । कतहुँ ने देखै छी, जननी हमार । तेल दे रे तेलिया, दीप दे रे कुम्हार । बाती दे रे पटबा भइया, लेसू प्रहलाद । नाव दे रे मलहवा भइया, धरू करूआर । जायब सरोवर-...
सावन मास नागपंचमी भेल घर-घर विषहरि पूजा लेल । ककरो घर विषहरि दूध लाबो लाल । ककरो घर खोर भोजन लेल । भगता घर विषहरि दूध लावा लेल । सेवकक घर खीर भोजन लेल भनहि विद्यापति विषहरि क...
कथी के चौखण्डी माता कथी के चौपारि ा कधी के ओढनी विसहरि खेले जुआ सारि । सोना को चौखण्डी मैया रूप चौपाई । तुलसी ओठडनी विषहरि खेले जुआ सारि । खेले धुपत विषहरी गेली अलसाय । सिरम...