छोटी-मोटी निमक गछिया नाक गछिया, चतरल-चतरल डारि
ताही ठाम पाँचो बहिनी, खेलय जुआ सारि ।
जुअबा खेलइते माइ हे, टुटल गृमलहार ।
कनइते खिजइते विषहरि, गहबर लोटाइ ।
जुनि कानू, जुनि खीजू, बिषहरि
आबऽ दिअ पटबा, गथायब गृमलहार
पहिरि-ओढ़ बिषहरी, आंगन भेली ठादि
चान-सुरूजक जोति, गेल मुरझाया ।
बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । कथी के नाव-नेवरिया, कथी करूआरि, कोने लाला खेवनहारे, कोन उतारे पार । सोने केर नाव-नेवरिया, रूपे करूआरि, भैरो लाला खेवनहार...
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