छोटी-मोटी अंगनामे बहुत पसार ।
राम, मिलैत-जुलैत विषहरि के भए गेल साँझ ।
आमा गर मिलय गेली उती-पेटार ।।
राम, बाबा घर मिलय गेलय देल धेनु गाय ।।
भउजो गर मिलय गेली, मुखह ने बोल ।
राम, भइया गर मिलय गेली लहगा-पटोर ।
Maithli lokgeet
Maithli lokgeet
छोटी-मोटी अंगनामे बहुत पसार ।
राम, मिलैत-जुलैत विषहरि के भए गेल साँझ ।
आमा गर मिलय गेली उती-पेटार ।।
राम, बाबा घर मिलय गेलय देल धेनु गाय ।।
भउजो गर मिलय गेली, मुखह ने बोल ।
राम, भइया गर मिलय गेली लहगा-पटोर ।
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