छोटी-मोटी अंगनामे बहुत पसार ।
राम, मिलैत-जुलैत विषहरि के भए गेल साँझ ।
आमा गर मिलय गेली उती-पेटार ।।
राम, बाबा घर मिलय गेलय देल धेनु गाय ।।
भउजो गर मिलय गेली, मुखह ने बोल ।
राम, भइया गर मिलय गेली लहगा-पटोर ।
बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । कथी के नाव-नेवरिया, कथी करूआरि, कोने लाला खेवनहारे, कोन उतारे पार । सोने केर नाव-नेवरिया, रूपे करूआरि, भैरो लाला खेवनहार...
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