पीअर आँचर विषहरि, थकरल केश ।
राम, सेवक दुख सुनय विषहरि लेल परेश
किये लय पूजू मइया, किये चढ़ायब ।
राम, किये लए करब मइया तोहरो श्रृंगार ।
दूध लऽ पूजब मइया, लाबा चढ़ाएब ।।
राम, अड़हुल फूल लय करब श्रृंगार 1
फल मध्य गुअबा, नैवेद्य मध्य पान ।
राम, देवी मध्य विषहरि दोसर ने आन
बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । कथी के नाव-नेवरिया, कथी करूआरि, कोने लाला खेवनहारे, कोन उतारे पार । सोने केर नाव-नेवरिया, रूपे करूआरि, भैरो लाला खेवनहार...
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