Skip to main content

पीअर आँचर विषहरि, थकरल केश ।विषहरिक गीत

पीअर आँचर विषहरि, थकरल केश ।
राम, सेवक दुख सुनय विषहरि लेल परेश
किये लय पूजू मइया, किये चढ़ायब ।
राम, किये लए करब मइया तोहरो श्रृंगार ।
दूध लऽ पूजब मइया, लाबा चढ़ाएब ।।
राम, अड़हुल फूल लय करब श्रृंगार 1
फल मध्य गुअबा, नैवेद्य मध्य पान ।
राम, देवी मध्य विषहरि दोसर ने आन

Comments

Popular posts from this blog

मधुश्रावणी कथा 2 दिन के

बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । नचारी गीत

बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । कथी के नाव-नेवरिया, कथी करूआरि, कोने लाला खेवनहारे, कोन उतारे पार । सोने केर नाव-नेवरिया, रूपे करूआरि, भैरो लाला खेवनहार...