Skip to main content

पियर अँचरी विषहरि के नामी-नामी केश । विषहरिक गीत

                विषहरिक गीत

पियर अँचरी विषहरि के नामी-नामी केश ।
घुमइत एली विषहरि तिरहुत देश ।
तोहरो सिंगार विषहरि लाबा आ दुध ।
हमरो सिगार विषहरि सिर के सिन्दूर ।
तोहरो सिंगार विषहरि अड़हुल फूल ।
हमरो सिंगार विषहरि कोर भरि पूत ।
फल बीच गुअबा नैवेद्य बीच पान ।
देवी बीच विषहरि मैया दोसर नहि आन 1



साओन मास नागपञ्चमी भेल ।
विषहरि गहवर सोहावन भेल ।।
केओ नीपे गहवर केओ चौपारि ।
हमही अभागिन निपी दुआरि ।
केओ लोढे अढूल केओ बेलपत्र ।
हमहु अभागिन हरियर दूबि
केओ माँगे अनधन केओ माँगे पूत ।
हमहू अभागिन सिरक सिन्दूर ।

Comments

Popular posts from this blog

मधुश्रावणी कथा 2 दिन के

बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । नचारी गीत

बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । कथी के नाव-नेवरिया, कथी करूआरि, कोने लाला खेवनहारे, कोन उतारे पार । सोने केर नाव-नेवरिया, रूपे करूआरि, भैरो लाला खेवनहार...