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कागा लऽ गेल मुद्रिका, चिल्होरि ग्रीमहार ।विषहरिक गीत

कागा लऽ गेल मुद्रिका, चिल्होरि ग्रीमहार ।

रामं, ताहि लेल विषहरि रोदना पसार ।
सोन ले रे सोनरा, रूपा ले पटा ।

राम, गढि दए सोनरा भैया सोने श्रीमहार ।

पहिरि लीअ विषहरि मैया, गले ग्रीमहार ।
राम, कर लागू आहे विषहरि सेवक गोहार ।

नाव ला रे मलहा भइया आरो करुआरे ।

राम, विषहरि औती मृतभुवन, हुरती कलेर

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