सोना सन धीया के बुढ़वा जमाई, कोना रहबै गे माई
सासु मनाइन परीछन जाय, देखिते मनाइन के नाग फफकाई ।
कोना रहबे गे माई०
मस्तक के उपर शीव के जटा बहे नीर,
पेरो मे शीव जी के फाटल बेमाय, देखि जीया घबराई ।
कोना रहबै गे माई०
भादव मास गौरी जेती दुहाई, कोना रहबै गे माई ।
Maithli lokgeet
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