किये गौड़ी सँ चोराकऽ भोला भाँग खेलियै ।
सब दिन बसहा चरेलियै ने आराम केलियै ।।
हम छी भोला अहीं के पुजारी, फुलवा लेलौह भरि-भरि थारी
किये पूजा के बेर भोला कैलाश चलि गेलौह यो ।।
हम छी भोला अहीं कर पुजारी, जलवा लेलौंह भरि-भरि गगरी ।
किये पूजा के बेर भोला द्वितीया के चान भँ गेलौंह यौ ॥
बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । कथी के नाव-नेवरिया, कथी करूआरि, कोने लाला खेवनहारे, कोन उतारे पार । सोने केर नाव-नेवरिया, रूपे करूआरि, भैरो लाला खेवनहार...
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