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पूजा के हेतु शंकर, आयल छी हम पुजारी ।नचारी गीत

पूजा के हेतु शंकर, आयल छी हम पुजारी ।
जानी ने मंत्र-जप-तप, पूजा के विधि ने जानी ।
तइयो हमर मनोरथ, पूजा करू हे दानी ।
चुप भए किए बइसल छी, खोलु ने कने केबारी ।
बाबा अहाँके महिमा, बच्चेसँ हम जनइ छी ।
दु:ख की कहू अहाँके सभटा अहाँ जनइ छी ।

दर्शन दिय दिगम्बर, दर्शन के हम भिखारी ।
हैं नाथ हम अनाथ, वर दथ करू सनाथ ।
मिनती करू नमेश्वर, कर जोड़ि दुनु हाथे ।
डमरू कने बजाङ, गाबई छी हम नचारी ।

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