बहिना कोना का कटबै साओन राति अन्हरिया, पिया छे नोकरिया ना । अन्हारि, सूझय आ ने दुआरी । एक राति बहिना कोना कऽ सुतला पिया के पलगिया, पिया छै नोकरिया ना । सखी सब झुमि-झुमि गाबय गीत, दूर हम्मर मोनक मीत । जाई छै काँच अमेरिका ॥ पिया छे नोकरिया ना
बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । कथी के नाव-नेवरिया, कथी करूआरि, कोने लाला खेवनहारे, कोन उतारे पार । सोने केर नाव-नेवरिया, रूपे करूआरि, भैरो लाला खेवनहार...
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