Skip to main content

अजब शहर कलकत्ता बड़ भारी गोसाउनिक गीत

अजब शहर कलकत्ता बड़ भारी

माँ हे जहाँ बिराजे काली

केओ पै अगति केओ नै पछुअति
केओ नीपै काली के दुआरी ।
अन्धा नीपै अगुअति कोरिया पछुअति
बाँझी नीपै काली के दुआरी 1
अन्हरा के आखि दिऔ कोरिया के काया
बाँझी के पूत दियौ श्रुतशाली

Comments

Popular posts from this blog

बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । नचारी गीत

बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । कथी के नाव-नेवरिया, कथी करूआरि, कोने लाला खेवनहारे, कोन उतारे पार । सोने केर नाव-नेवरिया, रूपे करूआरि, भैरो लाला खेवनहार...

मधुश्रावणी कथा 2 दिन के