मैया सिंहक पीठ सबार, हम सब करइ छी पुकार ।
अहाँ दुखिया
के
दुख
हरब कोना ।
हम सब फूल नेने ठाढ, अहाँ खोलू ने किवाड़ ।
हम सब अहाँ के फूल चढेब कोना ।
हम सब नैवेद्य नेने ठाढ़, अहाँ खोलू ने कबाड़ ।
हम सभ भोग अहाँ के लगायब कोना । मैया०
बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । कथी के नाव-नेवरिया, कथी करूआरि, कोने लाला खेवनहारे, कोन उतारे पार । सोने केर नाव-नेवरिया, रूपे करूआरि, भैरो लाला खेवनहार...
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