बजरंग राखह हमरो सान
मेघनाद बड़े ·अचरज कयलक मारल शक्तिमान ।
चन्द्र उदय माधुरी आशा अछि वरूण उदय छठ प्राण ।
देश अयोध्या हम कोना जायब लोक कहत बैमान ।
रोइ रोइ पूछत मातु सुमित्रा कहाँ गमओलह जान ।
बजरंग राखहु हमरो सान ।
बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । कथी के नाव-नेवरिया, कथी करूआरि, कोने लाला खेवनहारे, कोन उतारे पार । सोने केर नाव-नेवरिया, रूपे करूआरि, भैरो लाला खेवनहार...
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