लागई छी हम ब्राह्मण बाबू गोड़,
की अंगुलीमे पड़ि गेल मोड़ ।
गंगा निकट सँ माटि कोड़ लाइव,
पिड़िया
बनाये
तोड़ ।
गंगा यमुना से जल भरि लायब,
की ब्राह्मण बाबू पिड़िया नायब तोड़ ।
पीडिया नापते हम हथवा छीहल गेल,
की परि गेल अंगुड़ी मे मोड़ ।
मालीन फुलबाड़ी सऽ फुल लोढ़ा लाइव,
की ब्राह्मण पूजा कराओ तोड़ ।
फुलबा तोड़ते हमरा साड़ी लडकी गेल,
| की फट गेल सड़िया के कोड ।
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