कथी बिनु आहे सेवक मुहमा मलीन भेल
कथी बिनु चेहरा उदास यौ अहाँ ब्राह्मण बाबू ।
खाय लिय ब्राह्मण पाकाल बीड़ा पान
पहीर लिय पीयर जनउ यौ अहाँ ब्राह्मण वाच ।।
गामक पछिम ब्राह्मण एक टूठ पाकड़ि
भोर होडत ओतय देव' पिड़िया बनाय यी अहाँ ब्राह्मण बाबू ।
ओतय अहाँकै देब ब्राह्मण दूधक ढार यो अहाँ ब्राह्मण बाबू ।।
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