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पडवत पहाडसँ अयलाह एक ब्राह्मण यो आहाँ ब्राह्मण बाबू ।ब्राह्मण गीत

                    ब्राह्मण गीत

पडवत पहाडसँ अयलाह एक ब्राह्मण यो आहाँ ब्राह्मण बाबू ।
चली भेला गंगा स्नान यौ आहाँ ब्राह्मण बाबू 1
मय हुनका रोकन, देव प्रबोधनि यौ अहाँ ब्राह्मण बाबू ।
हँटलो ने मानथि ब्राह्मण डटलो ने मानथि यौ आहाँ ब्राह्मण बाबू ।
नहाय सोनाय ब्राह्मण भीर चढी वैसलाह यौ आहाँ ब्राह्मण बाबू ।
ताकत लगाई सेवक की बाट यौ आहाँ ब्राह्मण बाबू ।

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