नामि नामि केशिया शवरी अंगना बहारय
एहि बाटे औता हमरे घरवा हो रामा ।
मैटिक पात्र मे निर्मल गंगाजल
चरण पखारब सीता रामा !
कुश आसन शबरी झाडि ओछाबय
एहि पर बैसथिन्ह श्रीरामा, हमरे घरबा हो रामा।
केरल के पात पर मेवा परोसय
भोग लगौथिन श्रीरामा, हमरे घरबा हो रामा ।
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