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ब्राह्मण पड़लो अथाह में, उबारि दिअ यो ।ब्राह्मण गीत

ब्राह्मण पड़लो अथाह में, उबारि दिअ यो ।

जल-थल-नदिया में
नइया डबल अछि
,
ब्राह्मण इबल नइया के उबारि दिअ यो ।
गंगा निकट सौं माटी मंगायब,
ब्राह्मण ऊँच कए पीडिया बनाय देब यो 1
मलिया आँग्न सी  मोरी मंगायब,
ब्राह्मण अहीं सिर मउरी टंगाय देब यो ।
हलुइया लोकान् सौ मधुर मंगायब,
ब्राह्मण
अहीं
कर भोग लगाया देब यो ।
ब्राह्मण बेटियां सौ जनै ,बनबाय,
ब्राह्मण अहींके जनौआ चढाय देव यो ।

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