बटिया जोहैत ब्राह्मण दिन राति बीतल 1-
अबैत हेता ब्राह्मण बाबू सड़क धै कए ।
मैथिली लोकगीत
गहवर निपाय राखल गाय गोबर से ।
खुशी हेताह ब्राह्मण बाबू आन देखि कए ।
चरण पूजा हम फल अक्षत लऽ कए ।
धृर बनाया हम छागर आनि कए ।
खांसी होती है ब्राह्मण शोणित पीकि कए ।
पीअर जनउ देव धोती पीयर में रोग ।
धूप दीप देब नैवेद्य देव आनि कए ।
आशीश देता ब्राह्मण पत्र जानि कए ।
खुशी होएत सगर परिवार जानि कए ।
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