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काली क मंदिरियामे हम तिरिया, हम नोकरिया रहबै ना

काली क मंदिरियामे हम तिरिया,

हम नोकरिया रहबै ना
पौड़ी ओ चौपाडि निपबइ, नित उठि फूलो लोढ़बइ ना

अड़हुल के हम हार बनएबइ, काली के पहिरेवइ ।

हम नोकरिया रहबै ना ।

ने हम सेवा छोड़वइ, ने हम शरण स जेबइ ।
नित दिन करब हम चाकरिया ।

हम *नोकरिया रहबै ना ।
मन सऽ पूजा हम करवाई, दुख अपना कहबे ।

होइथिन हमरा पर सहइया ।
हम नोकरिया रहबै ना ।

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