अम्बे अम्बे जय जगदम्बे, जय-जयकार करे छी हे
तीन भुवन के मात् अहाँ छी, तीन नयनसँ तक छी है।
सिंह पर एक कमल राजित, ताहि ऊपर बैसल छी हे ।
भूत प्रेत सभ झालि बजाय, योगिन के नचबइ छी है।
राक्षस के संहार करै छी, दुनिया के जुड़वा छी है।
बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । कथी के नाव-नेवरिया, कथी करूआरि, कोने लाला खेवनहारे, कोन उतारे पार । सोने केर नाव-नेवरिया, रूपे करूआरि, भैरो लाला खेवनहार...
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