Skip to main content

गौरीक गीत

गौरी पूजन चलली सीता, पिता के नगरिया हे
पिता के नगरिया सिया, जनक दुअरिया हे
हाथकऽ लेली फूलक डाली, सिन्दूर केर पुड़िया हे
गौरी पूजन चलली सीता, पिता के नगरिया हे
हाथ कऽ लेली मधुर खांड़, लाल अड़हुल केर कलिया
बेलपत्र सभ तोड़थि सखिया, अपने अड़हूल कलिया
गौरी पूजन चलली सीता, पिता के नगरिया हे....by mala jha

Comments

Popular posts from this blog

मधुश्रावणी कथा 2 दिन के

बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । नचारी गीत

बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । कथी के नाव-नेवरिया, कथी करूआरि, कोने लाला खेवनहारे, कोन उतारे पार । सोने केर नाव-नेवरिया, रूपे करूआरि, भैरो लाला खेवनहार...