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मैथिली लोकगीत ब्राह्मणक गीत

घोड़बा चढ़ल अबथिन ब्राह्मण दुलरुआ
हाथ दुनू कमलक फूल यो
किए भेलौं ब्राह्मण शक्तिहीना
मुँह किए तोहर मलीन यो
पान बिना आहे सेवक मुँहमा मलीन भेल
जनौ बिनु शक्तिसँ हीन यो
देब यो ब्राह्मण बाबू पीअरे जनौआ
आर देब मुखबामे पान यो
नहाए सोनाए ब्राह्मण थीर भय बैसला
सूर्य के कयल मलीन यो
भनहि विद्यापति सुनू यो ब्राह्मण बाबू
सदा रहब सहाय यो

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