Skip to main content

bishahari geet विषहरि

 साओन मास नागपञ्चमी भेल । विषहरि गहवर सोहावन भेल । केओ नीपे गहवर केओ चौपारि । हमही अभागिन निपी दुआरि । केओ लोढ़े अढूल केओ बेलपत्र । हमहु अभागिन हरियर दूबि। केओ माँगे अनधन केओ माँगे पूत । हमहू अभागिन सिरक सिन्दूर

Comments

Popular posts from this blog

मधुश्रावणी कथा 2 दिन के

बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । नचारी गीत

बम-बम भैरो हो भूपाल, अपनी नगरिया भोला, खेबि लगाबऽ पार । कथी के नाव-नेवरिया, कथी करूआरि, कोने लाला खेवनहारे, कोन उतारे पार । सोने केर नाव-नेवरिया, रूपे करूआरि, भैरो लाला खेवनहार...