शिव हो, उतरब पार कओन विधि I
लांब कुसुम तोडब बेलपात । पूजी सदाशिव गौरीक साथ ।
वसह चढ़ल शिव फिरए मसान । बढ़िया जरठ वेदन नहि जान ।
जपतप नहि, नहि कहु दान । वितिगेल तिपन करत आन 1!
भनइ विद्यापति सुनह महेश । निरधन जानि मोर हरह कलेश
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