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अपने तऽ जाइ छऽ हो भैया, देश रे बिदेशबा ।छठि

अपने तऽ जाइ छऽ हो भैया, देश रे बिदेशबा ।
हमरो लय लबिहऽ भैया, गहुमा सनेसबा ।
आबि गेलै हो भैया, छठि सन बरतिया ।
गहुम तऽ छै गे बहिन, बड़ रे महगबा ।
छोड़ि दहिन गे बहिन, छठि सन बरतिया ।
दीनानाथ देलखिन हो भैया, भाइ रे भतिजबा ।
हम कोना छोड़बे हो भैया, छठि सन बरतिया ।
ससुरा मे देलखिन हो भैया, सासु-ससुरबा।

आरो जे देलखिन हो भैया, सीथ भरि सिनुरबा
हँसैत-कनैत रहै कोख के बलकबा ।
हम कोना छोड़बे हो भैया, छठि सन बरतिया 1
करबै करबै हो भैया, छठि सन बरतिया ।
अपने तऽ जाइ छऽ भैया, देश र बिदेशबा ।
हमरा लय लबिहऽ भैया, केरा सनेसबा....
नेने अबिहऽ हो भैया, नारिकेर सनेसबा ।
नारिकेर तऽ छौ गे बहिन, बड़ रे महगबा ।
छोडि दहिन गे बहिन, छठि सन बरतिया ।।
बेचि देबै हो भैया, हाथ के कंगनमा ।
खरीद लेबै हो भैया, केरा-नारिकेरबा ।
कैये लेबै हो भैया, छठि सन बरतिया ।।

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